अमरीकी क्रांति

Inception


18 April 1775 के दिन :  Joseph warren जो की एक physician है और  sons of liberty का सदस्य है, को British high command के internal सूत्रों से  खबर मिलती है की आज रात को British troops ( जिन्हे redcoat troops भी कहा जाता है ) बगियो के छुपाए हथियारों की तलाश करने के लिए और rebels के leaders Samuel Adams ans john Hancock को गिरफ़्तार करने के लिए concord मे march करने वाले है। 


Warren दो संदेशवाहको Paul Revere और William Dawes को भेजता है , वहा के patriots को troops के movement की खबर देने के लिए । दोनों अलग रास्तों से  आगे बढ़ते है । ताकि किसी के पकड़े जाने पर भी संदेश वह तक पहोच जाए ।  Revere, Charles town पहँचने के लिए  boat से Charles नदी को पार करता है । जहा patriots उसका इंतजार कर रहे होते है ।  patriots को instruction दिया जाता है की वो Boston की Old north church की मीनार जो Boston city मे highest point है । उसको देखते रहे ।  अगर वहा एक lantern जलती दिखाई दे तो इसका मतलब British ज़मीन के रास्ते आ रहे है । और यदि दो दिखाई दे तो इसका मतलब है की वो sea के रास्ते आ रहे है । यह गुप्त संदेश वो याद कर लेते है । lantern signals देने के लिए revere पहले ही North church के सेवक को instruct कर चुका है । जैसे ही Revere का Charles town मे  mission पूरा होता है , Dawes Boston छोड़ देता है।  revere और Dawes दोनों Lexington मे मिलते है जो concord से कुछ kilometres दूर east मे है। जहा पर revolutionary leaders Samuel Adams और john Hancock छुपे हुए है । उन दोनों को उस जगह को छोड़ने के लिए मनाने के बाद , थके हुए revere और Dawes अपने सफर पर आगे निकल पड़ते  है । रास्ते मे उनको तीसरा raider Samuel Prescott मिलता है , जो अकेले ही concord तक का सफर किया होता है । revere British द्वारा पकड़ा जाता है । Dawes अपने घोड़े से गिर जाता है और उसे Lexington तक पैदल चलना पड़ता है ।       

18 April 1775 की रात : British troops के सौ से भी ज्यादा जवान Boston से नज़दीकी town concord तक march कर रहे है । Paul Revere जो की Boston मे एक प्रसिद्ध सुनार और colonial militia का intelligence personnel है घोड़े पर सवार है ।उसने  troops की इस movement को भाँप लिया  है । उसने कुछ और riders के साथ मिलकर  alarm बजाया । colonial militiamen इस signal को समझ गए । और British troops को रोकने के लिए इकट्ठा होने लगते है ।

19 April 1775 की सुबह: कुछ 700 British troops Lexington पहोच चुके है । करीब 80 militiamen green town के पास इकट्ठा हुए है। Lexington के नज़दीक  green town के पास British troops का militia से सामना होता है । 

British troops को lead कर रहा है Major John Pitcairn. Militia का leader है John Parker. किसी भी side को युद्ध की आशंका नही थी । 

British major चिल्ला कर कहता है “हे दुष्टो , हे विद्रोहियों , अपने हथियार फैक दो ”  British troops militiamen से तादाद मे बहुत ज्यादा  है । militiamen को अपने commander से बिखर जाने का आदेश मिलता ही है , की एक गोली चलने की आवाज़ आती है । कोई भी नहीं जनता की की तरफ से गोली चली । इसके बाद British की तरफ से बहुत सारी गोलियों की बौछार होती है । जब धूया छटा तो 8 militiamen मरे पड़े मिलते है । और 9 जख़्मी  पड़े होते है । जबकि troops का केवल एक सिपाही injured हुआ होता है । हथियारों की तलाश मे concord की तरफ आगे बढ़ जाती है । वहा पर भी उन्हे militia के लोगो का सामना करना पड़ा ।और war for american independence का war शुरू हो जाता है। 

Background


300 साल पहले European nations अपनी ताकत बढ़ाने के लिए colonies चाहते थे।  क्योंकि उस समय के economic thinkers का यह मानना था, कि यदि किसी देश को आत्मनिर्भर और धन वान बनना है । तो उसमें colonies बेहद सहायक हो सकते हैं । इस विचार को mercantilism कहा जाता है।  जिसमें एक देश अपने व्यापारिक फायदे के लिए किसी और जगह पर उपनिवेश या colonies बनाता  है।  और ये अपने फायदे के लिए colonies का शोषण भी करने से नहीं हिचकीचाते थे । 

North America, South America, Africa और Asia में अपनी Colonies स्थापित करने के लिए,  European nations जैसे England, Spain, France वगैरह में प्रतिस्पर्धा चल रही थी । mercantile policy का समर्थन करने वाले लोगों का यह मानना था,  कि यदि इन colonies के लिए कोई जंग भी करनी पड़े तो वह भी worthy है ।  क्योंकि यह colonies जीतने  वाले देश के लिए बेहद profitable होंगे।  जो war के coast को justify कर देगी । 



 

1607 से 1733 के बीच ब्रिटन ने North America के eastern coast पर 13 colonies establish कर ली थी।

ये थी  Virginia, Delaware, Pennsylvania, New Jersey, Connecticut, Maryland, Massachusetts, North Carolina, South Carolina, New Hampshire, New York, Rhode Island और Georgia.

यही वो 13 colonies थी जिन्हीने ब्रिटिश colonial rule के खिलाफ बगावत की और बाद में United States of America की स्थापना की।

इन colonies में European States  से बहुत बड़ी संख्या में लोग रहने के लिए आए। इनके ज्यादातर लोग ब्रिटन से थे। इन European immigrants के आने से इन colonies की population में बहुत बड़ा उछाल आया।

जहा यह 17th century के beginning में सिर्फ कुछ हजार थी। वही 1760s में कई लाख हो गई। करीब 20 लाख से भी ज्यादा ।

जब सुरुवाती Englishmen, Jamestown, Virginia, और Massachusetts आ के बसे  तब England ने उनके trade को govern करने की कोई खास  कोशिश नही की । पर जैसे जैसे इन colonies की prosperity बढने लगी । तब England ने इनके trade को govern करना शुरू किया । 

England को अपने industries के लिए raw materials की आवश्यकता थी जो उसे colonies से मिल सकती थी। Lumber,Wool,Iron,Cotton,Tobacco,Rice और Indigo. इन्ही  raw materials से कुछ थी।   इसके साथ ही British manufacturers को  उसको अपने द्वारा produce किए गए सामान के लिए market की भी जरूरत थी।  जो इन colonies के रूप में उसे मिली । 

American colonies अपने कपड़े, फर्नीचर, चाकू, बंदूक और रसोई के सामानों की खरीदी England से करते थे । इसके अतिरिक्त अपनी ताकत बनाए रखने के लिए वह एक मजबूत navy पर निर्भर थी । navy के जहाज़ों के लिए टिंबर की आवश्यकता होती है । यह colonies timber की  भी अच्छी स्रोत थी। 

 उन दिनों में कोई देश कितना धन वान है यह उसके पास मौजूद सोने और चाँदी से तय होता था।  और यह कॉलोनी किसी देश को अच्छी मात्रा में सोना और चाँदी व्यापार के माध्यम से दिला सकते थे । इसलिए यह colonies establish करने के लिए एक और वजह थी। 

 कोई किसी से कितना खरीदता है और वह कितना उसको बेचता है । इस के अंतर को balance of trade कहते हैं । अब क्योंकि policies इस तरह से बनाई जाती थी कि colonies जितना अपने मालिक देश को बेचे उससे ज्यादा उससे खरीदे।  तो यह balance of trade हमेशा मालिक देश की तरफ झुका होता था। 

balance of trade का यह अंतर colonies अपने मालिक देश को सोने और चाँदी में चुकाती थी। इसलिए Britain इन american colonies से अपने आप को और ताक़तवर व धन वान बना रहा था। 

England इन colonies को अपनी सुविधा और interest के अनुसार trade develop करने नहीं देता था। इसकी बजाय वे special laws pass करता था। ताकि trade को वे  govern कर सके। England ने  import, export और manufacturing restrictions लागू किया था। यह बाते निश्चित  ही उन colonies मे रहने वाले लोगो को irritate करती थी । जो इन policies के कारण बुरी तरह प्रभावित होते थे । शायद England की अपने colonies के प्रति इन्ही policies मे american revolution की वज़ह छुपी है । 


SOCIAL CLASS IN COLONIAL AMERICA

आमदनी, व्यवसाय, शिक्षा, और निर्णय लेने की शक्ति पर आधारित विभाजन हमेशा से  हर समाज मे मौजूद रहे  है । इस विभाजन को social classes कहा जाता है । इन classes या वर्गो की पहचान upper, middle, और lower classes के रूप मे किया जा सकता है । जिसका आधार  आमदनी, व्यवसाय, शिक्षा, और निर्णय लेने की शक्ति है । 

200 साल पहले, Europe मे किसी व्यक्ति के लिए अपने social position को बेहतर करना लगभग नामुमकिन सा था । पर colonies यह class division इतनी hard नही था । कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत से समाज के ऊँचे तबके तक पहोच सकता था । इसका उदाहरण Benjamin Franklin है । जिनका जन्म गरीबी मे हुआ था पर वे बाद मे एक ऊँचे तबके तक पहुचे । 

मगर सच्चाई यह भी थी की यह सरलता केवल white लोगो को थी । दूसरे लोग जैसे black peoples के लिए अपने social position को सुधारना यहा भी नामुमकिन था । जो ज़्यादातर या तो slaves होते थे या गरीब मजदूर ।  

Britain और उसकी अमेरिकन colonies के societies में अंतर साफ साफ देखा जा सकता था। जहाँ Britain में ज्यादातर लोग के पास छोटी ज़मीन थी या वे भूमिहीन मज़दूर थे। वही अमेरिका में ज्यादातर White लोगो के पास  अपनी खुद की ज़मीन थी। करीब ⅔ लोगो के पास । और इसके अलावा पश्चिम में बढ़ कर और ज़मीन प्राप्त करने की संभावना भी थी। 

GOVERNMENT IN COLONIES

Government की executive branch का मुखिया governor था । legislative branch दो सदनो मे बाटी गई थी । एक governor’s council और एक representative assembly.

Colonial Government  System इस प्रकार थी । 

  • Governor : ज्यादातर administrative और military powers governor के हाथ मे होती थी। यह     इन colonies में  British monarch का representative था। यह governor king द्वारा appoint किया जाता था । इसका tenure औसत 5 वर्ष का होता था। 

  • Council: यह governor की advisory council थी जो उसे executive functions मे advise देती थी । यह council colonial government के legislative branch की upper house भी थी । council मे लोगो की संख्या अलग अलग colonies मे अलग अलग थी । generally council मे सदाशयों की तादाद 10 से 30 जितनी होती थी। executive और legislative body होने के साथ साथ ये council की judicial duties भी थी । ये  colonies की final court of appeal यानि supreme court भी थी । यह governors या assembly द्वारा appoint की जाती थी। 

  • Assembly: Representative Assemblies colonial legislature की lower house थी। अलग अलग colonies मे इसके अलग अलग नाम थे । जैसे  Virginia मे  House of Burgesses, Massachusetts मे House of Deputies, और  South Carolina मे  Commons House of Assembly. भले ही नाम अलग अलग थे पर इनका function same था । यहाँ पर लोग अपने चुने हुए representatives को भेजते थे। साल मे एक बार इसका election होता था जिसमे वो लोग vote करते थे जिनके पास property होती थी ।आमतौर पर यह एक ही session के लिए बैठती थी । पर governor या council  जरूरत पड़ने पर  assembly का  special session भी बुला सकते थे । budget और tax के issues की बहस यही होती थी । budget का एक हिस्सा colonial militia पे खर्च होती थी जो colonies अपनी defense force होती थी । British government के पास Colonial legislation के ऊपर veto power थी । 

इसके अलावा बाकी की ज्यादातर political power Britain के पास थी।  diplomatic policies जैसे trade और foreign war policy British government handle करती थी । 

और इसके अलावा taxation की powers भी British parliament के पास थी। जिसमे इन Colonies का कोई representation नही था। और parliament में बैठे लोग अपने और ब्रिटेन के फायदे के लिए इन Colonies पर मनमानी tax लगते थे।

MERCANTILISM


  • NAVIGATION ACTS: 

1660 मे England ने कई acts pass किए जिन्हे navigation acts कहा जाता है । इन acts को american colonies को England के manufactured products पर निर्भर करने के उद्देश्य से बनाया गया था ।  British ने  सभी non-English ships  के ऊपर colonies से trade करने से रोक लगा दी और colonists भी केवल England से व्यापार कर सकते थे । 

इसके अतिरिक्त England ने कुछ ऐसी चीजों की सूची निकाली जो colonies केवल ब्रिटिश merchants को ही बेच सकते थे।  जैसे sugar, tobacco, cotton, indigo और बाद में rice, molasses, tar, furs और iron को भी इस सूची में शामिल किया गया। ये  वह चीजें थी जो British  के लिए  उनकी wealth और power  को increase करने के लिए important थी। English merchants को  यह छूट थी कि वे colonies से खरीदे सामान को जिसे चाहे उसे बेच सकते हैं । पर इस सामान को पहले England या Scotland लाना होता था जहां इन पर tax  वसूली जाती  थी । एक बार tax देने के बाद ही वे  इस सामान को कहीं और भेज सकते थे। 

  • STAPLES ACT:

 

1663  में British parliament ने staples act pass किया । यह act colonies पर import restrictions लगाने के लिए पास किया गया । इस act से लगभग उन सभी चीजों  के import पर रोक लगा दी गई , जो England में नहीं बनती या  पहले England मे  नहीं लाई जाती है।  

यानी कि अब यदि किसी colonist को french silk, dutch linen या Indian tea खरीदने है । तो यह उसे English importer से खरीदने पड़ेंगे ॥  जिसको उसे भी पहले England लाना पड़ेगा और उस पर tax देना पड़ेगा । इसके बाद ही वह इन्हें colonies को बेच सकता है।  इस act की वजह से सभी non-English products को अब इस  मगजमारी की वजह से  colonies तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता था  और इनकी कीमतें भी अब और महंगी हो गई। 

 

Mercantilism के अनुसार colonies को  मालिक राष्ट्र को raw materials supply करनी होती है।  और उनसे manufactured products खरीदने होते हैं । इसलिए colonies मे industrial development  को  प्रोत्साहन नहीं दिया जाता था। colonies में manufacturing को रोकने के लिए  कुछ वस्तुओं का  एक colony से दूसरी  colony  में ले जाने से  रोक लगा दिया गया। 

इन सब चीजों के कारण colonies में British administration के खिलाफ sentiment भी  बन रहा था।

पर क्योंकि यह colonies west में Indian settlements french colonies से घिरी हुई थी। और इनके द्वारा attack की संभावना बनी रहती थी। इस लिए इनको ब्रिटिश protection की जरूरत थी। शायद इस लिए वे ब्रिटिश के कुछ unpopular policies को भी tolerate कर रहे थे। 

FRENCH AND INDIAN WARS


पर French and Indian wars जिसे 7 yrs war भी कहा जाता है। उसके बाद सब बदल गया। ये war British और French armies के बीच मे American soil पर लड़ा गया था। वहा अपनी अपनी supremacy establish  करने के लिए। यह लड़ाई बहुत high magnitude पर लड़ा गया। यह  केवल america में ही नही बल्कि British और french के European allies के बीच मे भी लड़ गया। इनकी दूसरी African और Asian colonies में भी इसका effect देखा जा सकता था। भारत मे इसका effect Carnatic War रूप में देखा गया ।

इस war में France की हार हुई और उसे बहुत बड़ा नुकसान सहना  पड़ा।उसे कुछ एकाक islands को छोड़ कर अपनी सारी North American Colonies को British को देना पड़ा।



French and Indian War के युद्ध के बाद जब लगभग पूरा का पूरा northern america कुछ निचले भागों को छोड़कर England के नियंत्रण में आ गया तो उसकी colonies के लोगों ने सोचा कि अब पश्चिम में और आगे तक बढ़कर ज़मीन हासिल किया जा सकता है । पर king ने 1763 के Royal Proclamation  से किसी को भी पश्चिम में मौजूद Appalachian Mountain के और आगे जाने से या वहां ज़मीन  लेने से रोक दिया । और जो colonials पहले ही वहां जा चुके उन्हें लौटने का आदेश दिया । जब तक ब्रिटेन आगे कोई फैसला नहीं लेती  वहां पर केवल native Americans को रहने की इजाज़त थी। इस बात ने colonists को नाराज़ कर दिया । 

ब्रिटेन को इस बात का अंदेशा था कि शायद France और native american एक बार फिर से अपनी खोई हुई ज़मीन पाने के लिए हमला कर सकते हैं इसलिए उन्हें वहां एक बड़ी army रखनी होगी ताकि वे उनको रोक सके । लंदन में बैठे officials के अनुसार इस काम में 10000 ब्रिटिश सैनिकों की जरूरत पड़ेगी । ताकि वे इनके future attack से colonies को protect कर सके। इतनी बड़ी सेना के लिए  सालाना करीब  300000 pounds की जरूरत थी ब्रिटिश ने कहा यह पैसा colonies के लोगों को देना चाहिए क्योंकि यह सेना उन्ही के protection के लिए है

इसके अलावा French and Indian war में Britain के राज कोष से 7 करोड़ pounds खर्च हुए थे । जिसकी वजह से ब्रिटेन का National Debt दोगुना होकर 14 करोड़ pounds तक पहुंच गया था। इसके मुक़ाबले  colonies का कर्ज काफी कम था। अगर हम mercantile regulations को ध्यान में ना लें तो एक colonist किसी  ब्रिटेन में रहने वाले व्यक्ति से 20 गुना कम tax देता था। 

war के दौरान trade regulations सही तरीके से लागू नहीं किया जा सका smuggling बहुत बढ़ गई थी । America मे मौजूद British Customs Service ने war के समय प्रति वर्ष केवल 2000 pounds जमा किए। इस सर्विस को ही चलाने मे इससे  4 गुना ज्यादा खर्च होता था । 

ब्रिटिश ने smuggling से निपटने के लिए अपने trade regulation में थोड़ी ढील दी,  उसने 1764 के sugar act से sugar के tax को आधा कर दिया ताकि वे smuggling को कम profitable कर दे जिससे लोग tax देने से न चुके। 

पर colonists को यह लगा कि आखिर वे England को उसका empire बनाए रखने के लिए क्यो पैसा दे ? उन्होंने England को कभी direct tax नहीं दिया और ना ही उनकी देने की कोई इच्छा थी। क्योंकि जो government उन्हें tax भरने के लिए कह रही है। उसमें तो उनकी कोई हिस्सेदारी ही नहीं है।

 NO TAXATION WITHOUT REPRESENTATION


Colonies इस financial burden के लिए  तैयार नही थी। पर British government कैसे भी कर के funds collect करना चाहती थी। यही बाद में British government और colonies के बीच conflict की वजह बनी। 

 

17th century के मध्य से ही  British parliament colonial trade को control कर रही थी। और import और export policies के जरिए उन पे  indirect tax लगा रही थी। पर अब वे उनपर direct tax लगाने जा रही थी । colonist ने British parliament के उनपर tax लगाने के अधिकार पर प्रश्न उठाया। इसके पीछे उनका तर्क यह था कि parliament को उन लोगो के लिए कानून बनाने और tax लगाने का अधिकार है।  जो उसे elect करते है। पर हमारा तो कोई चुना हुआ representative इस parliament में बैठा हुआ नही है। फिर  parliament हम पे tax कैसे लगा सकता है। यदि आप को हमसे tax चाहिए तो आप को  parliament में हमे representation देना होगा ।क्योंकि उनके अनुसार उनके लिए कानून उनके elected representative नही बना सकते  थे इस लिए वे parliament द्वारा लगाए taxation और अन्य कानून को unconstitutional बात रहा थे।

पर British government और Monarch ने representation के मुद्दे पर कुछ नही किया। उनका कहना था कि house of commons का MP केवल अपने district का ही नहीं बल्कि पूरे देश का representative होता है । और यह भी कहना था की  English law की peculiarities की वजह से England मे भी कई शहर ऐसे है जिनका parliament मे  कोई representation नही है । जैसे Manchester और Birmingham.

जो Englishman 21 से कम उम्र के है या जिनके पास property नही है वो vote भी नही कर सकते है ।  Britain मे भी 20 मे से  केवल एक Englishman ही vote दे सकता है । पर tax तो सभी भरते है । England मे जो लोग vote नही देते उनका भी representation उनके जैसे दूसरे लोगो द्वारा किया जाता है जो vote कर सकते है। Manchester का merchant London के merchant से represented है । जिन लोगो के पास property नही है वो उनके द्वारा represented है जिनके पास property है और जो vote कर सकते है । इसे virtual representation कहा जाता है । यदि virtual representation का principal, Manchester और Birmingham के लिए काम कर सकता है तो फिर New York और Boston के लिए क्यूँ नही ?

क्यूँ ये colonist उससे ज्यादा अधिकार  मांग रहे है जो एक Englishman के होते है ? क्या colonist Englishman नही है? क्या उन्हे British army और military की सुरक्षा नही मिलती ? क्या सिर्फ colonists की रक्षा के ख़ातिर empire ने अभी जंग नही लड़ी ? क्या colonists को भी बाकी Englishman की ही तरह अपनी protection के लिए pay नही करना चाहिए ? Empire की colonies parliament द्वारा virtually represented है। इस लिए parliament पूरे empire के लिए laws enact करने के लिए empowered है। और इसलिए colonies के individual representation की  आवश्यकता नही है । 

Britain के इस virtual representation के principal के खिलाफ colonists ने यह तर्क दिया। उनका कहना था की Englishman जो parliament के लिए vote नही कर सकते वो voter बन सकते है । जिनके पास property नही है वो property ख़रीद कर । जो Birmingham या Manchester मे है वो London मे जा कर ।

पर colonies का उन लोगो से कोई क़रीबी संपर्क नहीं है जो Englishman England मे रहते है उनसे। England एक island है जो colonies से 4800 km दूर है जो, एक continent है, England का कोई भी voter उस tax से जरा भी प्रभावित नही होगा जो colonies पर लगाया जाएगा । यदि आप हम पर आज  कुछ tax लगा रहे है तो। तो कल को अपना पूरा का पूरा tax का भार भी हम पर लाद सकते है । इस तरीके से England अपने government का पूरा खर्च हमसे वसूल सकता है ताकि जो लोग वहा Britain मे रहते है उनको कोई भार न पड़े ।

आप कहते है की हमे अपनी protection की कीमत चुकानी चाहिये । क्या हम आप के unfavorable mercantile laws के कारण,आपको इसकी कीमत नही चुका रहे है ? हम इन laws का विरोध नही कर रहे है । हम तो बस यह कह रहे है, की हम हमारे ऊपर लगे  trade, manufacturing और shipping restrictions के कारण  पहले से ही इसकी कीमत चुका रहे है । यह हमारे ऊपर indirect taxes की तरह है जो हम आप को चुका रहे है । पर हम आप को अब अपने ऊपर direct taxes लगाने नही दे सकते। England ने भले ही हमे French & Indian वार मे हमे बचाया था। पर यह युद्ध उसने अपने फायदे  के लिए लड़ा था हमारे नही । यह उसने और ज़मीन प्राप्त करने के लिए लड़ा था ताकि यहा से और ज्यादा  सोना और चाँदी हशील कर सके। 

और अंत मे हम यह कहना चाहते है की हम कोई ऐसा अधिकार नही मांग रहे है । जो एक Englishman से ज्यादा है । हम बस यह कह रहे है की जिनके ऊपर बिना representation के tax लगाया जा रहा है उनको भी vote का अधिकार मिलना चाहिए। हम जो आप से जो अधिकार मांग रहे है वे सिर्फ एक Englishman के तौर पर ही नहीं है। ये तो परमेश्वर द्वारा दिया गया वो अधिकार है जो हमसे कोई ले नही सकता। और No taxation without representation का नारा दिया गया। 

STAMP ACT AND BOSTON MASSACRE


colonists पर tax लगाने की मंशा से 1765 में  British parliament stamp एक्ट पास करती है।  इस act के अनुसार किसी भी legal document, news paper या playing card के ऊपर official stamp लगाना होगा । और इस stamp के लिए tax देना होगा।  यह tax कोई नया invention नही था । England में लोग ऐसा ही tax पिछले 100 साल से देते आ रहे थे । इस tax से England को सालाना करीब 100,000 pounds जमा होने की उम्मीद थी। जो कि वहां पर troops को रखने की लागत का एक तिहाई था। 

भले ही stamp act के विरोध कितने भी argument दिए गए पर stamp act pass हो गया ।  Virginia में एक lawyer Patrick Henry ने इस act के खिलाफ Virginia मे भाषण दिया । इस act के  विरुद्ध Virginia assembly ने motion लाया गया । 

बोस्टन में Sam Adams और sons of liberty के लोगों ने stamp agent की properties को नुकसान पहुंचाया गया  और governor Thomas Hutchinson के निवास पर भी हंगामा किया गया । 

New York में 9 कॉलोनियों के delegates ने stamp act congress बुलाई। king और parliament से इसे  हटाने की मांग की गई ।  Philadelphia, New York और दूसरे तटीय towns के merchants ने कहा कि जब तक ब्रिटिश stamp act वापस नहीं ले लेती । तब तक हम ब्रिटिश समान नहीं खरीदेंगे। British merchants ने भी  parliament मे  इस act को हटाने के लिए petition डाला । अभी तक colonies में एक भी stamp बेचा नहीं गया था । पर इन सभी विरोधो के बाद 1766 में stamp act को तो हटा दिया गया । पर इसके साथ ही एक नया act पास किया गया। declaratory act  जिसके अनुसार parliament  को colonies उसके ऊपर कोई भी कानून बनाने का अधिकार है और colonies को पालना मानना पड़ेगा। 

बोस्टन में Stamp act  के विरोध मे हंगामे के बाद वहां शांति बनाए रखने के लिए British troops को भेजा गया था । British soldiers और बोस्टन में रहने वाले लोगों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी । करीब 18 महीने से ऐसा ही चल रहा था तभी एक दिन मार्च 1770 को यह तनाव अपने चरन पर पाहुच गया जब custom house के पास लोग और troops एक दूसरे के आमने सामने खड़े होते है । इसी  मे residents मे से कोई troops के ऊपर rod फेंकता है । और फिर troops मेसे एक सिपाही गलती से गोली चला देता है ।थोड़े सन्नाटे के बाद और गोलियां चलने लगती  है। इसमे  कुछ पांच लोगों की मौत हो जाती है और 6 लोग घायल हो जाते हैं । इस घटना को Boston massacre कहा जाता है । इस घटना ने वहा anti-British sentiments और मजबूत कर दिया। 

 BOSTON TEA PARTY


Parliament  ने 1773 tea act pass किया जिसके कारण, ईस्ट इंडिया कंपनी बिना navigation act के अंदर आए । चाय को भारत से सीधे colonies तक ले जा सकती थी । जिससे  उसके  चाय की कीमतें बहुत कम हो जाए। और colonies मे ज्यादा बिके ।  parliament के इस एक्ट से एक तरीके से colonies में चाय के व्यापार पर इन ईस्ट इंडिया कंपनी को monopoly मिल गई । tea act द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी को मिली इस monopoly का विरोध करने के लिए दूसरे merchants और middleman एक साथ आ  गए । 

अमेरिका में  हर port पर कंपनी के चाय का विरोध होने से चाय  से भरे इन sips को वहा खाली नही किया जा सका ।और ज्यादातर ships को England वापस बुलाना पड़ा। पर , बोस्टन के governor Thomas Hutchinson ने इस act को अपने यहा इसे लागू करने का निश्चय किया। और 27 नवंबर 1773 को ships वापस भेजने के लोगों द्वारा उनको दिये गए  petitions  को खारिज कर दिया । और ships को Boston harbor पर खड़ा होने  की अनुमति दे दी । 

जब यह तय हो गया कि अब governor उनकी बात नहीं सुनने वाला है।  तब colonists ने यह मामला अपने हाथ में ले लिया।   Sam Adams और Massachusetts के 150 और लोग जो खुद को sons of liberty कहते थे।  उन्होंने native Americans का  वेश धारण करके।  ships चढ़ गए और सभी चाय के बक्सों को खोलकर चाय को समुद्र में गिराने लगे ।  सिर्फ 3 घंटों के अंदर ही उन्होंने चाय के बड़े-बड़े 342 बक्सो को खाली कर दिया।  उस समय वहा समुद्र किसी बड़े से चाय के cup जैसा नजर आ  रहा था इस घटना को  आज Boston tea party के नाम से जाना जाता है। इस घटना से करीब 18000 pounds  का नुकसान हुआ। ब्रिटिश ने इसे अपने insult के रूप मे लिया और उन लोगों को इस बात का सबक सिखाने का फैसला किया।  इसके तहत parliament  ने 4 acts pass किए,  जो आज coercive acts या intolerable acts के नाम से जाने जाते हैं। 

पहला act यह था  कि 1 जून 1774  से जब तक सारे बर्बाद हुए चाय के लागत की भरपाई नहीं कर दी जाती तब तक बोस्टन का पोर्ट बंद कर दिया जाएगा । 

दूसरा act यह था की Massachusetts की government को reorganize किया जाएगा इसके तहत। king गवर्नर और गवर्नर की काउंसिल को सीधा appoint करेंगे। सभी judges को एसेंबली नहीं अब गवर्नर appoint करेगा । अब टाउन में केवल एक ही मीटिंग होगी और वह भी सिर्फ local officials को  elect करने के लिए । जिन custom officers और दूसरे officers के ऊपर कोई criminal के चार्जेस होंगे उनका trial England में या जहां उस क्राइम को commit किया गया उसके अलावा किसी और colony में होगा। colonists को यह बात पसंद नहीं आई की उनसे local self government छिन ली गयी. Colonists, British government के आमने-सामने आ गए। उन्होंने इसका  विरोध किया और इसके खिलाफ लोकल militia भी  खड़ी की । 


FIRST CONTINENTAL CONGRESS


इन intolerable acts से ब्रिटिश गवर्नमेंट ने  Massachusetts को direct govern करना शुरू किया।  इससे दूसरी कॉलोनी के लोग भी चिंतित हो गए । उनको भी यह भय हो गया  कि शायद आज नहीं तो  कल उनसे  उनकी भी local government छीनी जा सकती है। इस लिए सभी colonies से उनके representatives  Philadelphia  में 1774 में first continental congress बुलाया। इस congress मे Georgia को छोड़ कर सभी colonies के representatives पहुचे थे। इसमे  सभी प्रकार के ब्रिटिश सामानों का boycott करने को कहा। 

 


SECOND CONTINENTAL CONGRESS


जब स्थानीय किसानों ने  militia बनाकर Lexington और concord में ब्रिटिश troops से लड़ाई की थी। तो उस समय भी उनका लक्ष्य England से अलग होना नहीं था बल्कि वह तो उन अधिकारों के लिए लड़ रहे थे जो उनके अनुसार एक Englishman के तौर पर उनके कानूनी अधिकार हैं।  पर धीरे धीरे colonists एहसास करते हैं कि वे  जिन rights की मांग कर रहे हैं।  उन्हें वे  British empire के अंदर रहते हुए नहीं मिल सकता।  इसलिए फिर वे  British empire से independence declare करते हैं।  

May और June, 1775 में second continental congress बैठती है। यह revolutionary colonists के government की तरह act करती है । congress जॉर्ज वाशिंगटन को revolutionary army का commander चुनती है। 

इसी के साथ वे king  और British parliament को अपील करती है, कि वे colonies को slave बनाने की policy  छोड़ दे । parliament इस अपील को acknowledge तक नहीं करती और ना ही king कभी से पढ़ते हैं। 

 जनवरी 1776 मे  Thomas Penn, common sense के नाम से  एक pamphlet छापते हैं। जिसमे लोगों से आग्रह किया जाता है कि वे खुद को Europe से अलग करके एक नए समाज का निर्माण करें। इसकी करीब एक लाख copies प्रिंट करके अमेरिकी लोगों में बांटी जाती है । 1776 में ही पार्लिमेंट एक restraining act pass करती है । जिसके अनुसार British empire के बाहर अमेरिकन colonies का trade बंद कर दिया जाता है। और इस बगावत को रोकने के लिए  King George हजारों German soldiers को भी hire करते हैं।  

Colonies खुद को united states of america घोषित कर देती है । congress द्वारा जून 1776 Thomas Jefferson, Benjamin Franklin और john Adams और कुछ और लोग को independence के reasons लिखने को कहा जाता है। जुलाई 4 1776 को Congress declaration of independence को approve कर देती है ।जिसे Thomas Jefferson ने लिखा होता है। और खुद को British empire से आज़ाद घोषित कर देती है । 




यह Declaration of Independence John Locke और Enlightenment के विचारों पर आधारित है।  इस declaration में व्यक्ति के natural rights की बात कही जाती है। इस declaration की  शुरुआती लाइनें कुछ इस प्रकार

“हम इन शब्दों को बिना प्रमाण के सिद्ध मानते हैं कि सभी लोगों को एक समान बनाया गया है।  उन्हें अपने रचयिता द्वारा कुछ ऐसे अधिकार दिए गए हैं ,  जिन्हें छीना नहीं जा सकता इन्हीं में से  है  जीवन ,आज़ादी, और अपनी खुशी के लिए प्रयास करना। “

क्योंकि Locke ने यह कहा था,  की लोगों को अपने अधिकारों के लिए एक unjust ruler के खिलाफ बगावत करने का अधिकार है।  तो Declaration of Independence में किंग George III द्वारा किए गए अत्याचारों का जिक्र भी किया गया। इस Declaration का अंत इन lines से किया जाता  है,  ” हम colonies अपने आप को ब्रिटेन से अलग करते हैं और British crown के प्रति हम अपनी सारी निष्ठा से भी खुद को मुक्त करते हैं।  

Britain अपनी इन colonies को बिना युद्ध के यू ही जाने देने वाले नहीं था । इस  Declaration of Independence के publish होने के कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों के बीच में युद्ध शुरू हो जाता है। 

शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि जैसे colonists को  इस युद्ध में हार का मुंह देखना पड़ेगा,  क्योंकि Washington की poorly trained army विश्व के सबसे ताक़तवर देश की सेना से युद्ध कर रही थी । पर फिर भी Americans यह युद्ध जीत जाते हैं I 



अमेरिकंस के युद्ध जीतने के यह कुछ कारण है:

  • पहला क्योंकि वह अपने घर की रक्षा के लिए लड़ रहे थे। इसलिए Americans का युद्ध लड़ने का motivation, Britishers से ज्यादा बड़ा था ।  

  • दूसरा ब्रिटेन के overconfident generals ने बहुत सारी ग़लतियाँ की। 

  • तीसरा शायद समय भी Americans की तरफ था।  ब्रिटिश एक के बाद एक युद्ध जीत सकते थे और वे जीत भी रहे थे । पर फिर भी वो हार गए । क्योंकि लंदन से 4800 किलोमीटर दूर समुद्र के उस पार युद्ध लड़ना ब्रिटेन  के लिए काफी  expensive था । इसलिए वहां इस युद्ध के कारण tax के तले दबे नागरिकों ने शांति की मांग की और सरकार को उनकी बात माननी  पड़ी। 

  • तीसरा शायद समय भी Americans की तरफ था।  ब्रिटिश एक के बाद एक युद्ध जीत सकते थे और वे जीत भी रहे थे । पर फिर भी वो हार गए । क्योंकि लंदन से 4800 किलोमीटर दूर समुद्र के उस पार युद्ध लड़ना ब्रिटेन  के लिए काफी  expensive था । इसलिए वहां इस युद्ध के कारण tax के तले दबे नागरिकों ने शांति की मांग की और सरकार को उनकी बात माननी  पड़ी। 

Americans के युद्ध जीतने का आख़िरी कारण यह भी था,  की Americans ने  यह  युद्ध अकेले नहीं लड़ा था ।  उन्हें France से भी काफी सहायता मिली । फ्रांस के सम्राट Louis XVI को American Revolution के सिद्धांतों से कोई खास लगाव नहीं था । पर क्यूकी वे अपने शत्रु ब्रिटेन को कमजोर करने के लिए बहुत आतुर थे । और उन्हे French and Indian War की हार का बदला भी लेना था । इसलिए उन्होने american revolutionaries की मदद की । 



1778 में इस युद्ध में फ्रांस की entry बहुत निर्णायक थी । 1781 में फ्रांस और अमेरिका की संयुक्त सेना ने ब्रिटिश army के Lord Cornwallis को वर्जीनिया में York town के करीब घेर लिया और Cornwallis को आखिरकार सरेंडर करना पड़ता है । Americans और Britishers की यह लड़ाई 1783 तक चलती रहती है और अंत मे British हार मान लेते है और September 3 , 1783 को Paris मे united of america और British government के representatives द्वारा treaty of Paris sign करने के साथ  खत्म होती है ।इस treaty मे British government united states की sovereignty स्वीकार करती है ।और इस तरह यह 13 colonies united states of america के रूप मे एक नए और आज देश का निर्माण करती है । 

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