Origin of life | Life started on earth or has come here from somewhere else

Origin of Life‘ it’s an important question. In this blog, we discussed various theories and possibilities related to how life began on earth?


Origin of Life यानि जीवन की शुरुआत कैसे हुई?’ यानि हमारी और आप की शुरुआत। यह प्रश्न शायद उतना ही पुराना है जितनी पुरानी हमारी मानव सभ्यता। प्राचीन काल से ही लोग इस प्रश्न से जूझ रहे है। और शायद यही प्रश्न है जिसको समझने के लिए हमने भगवान की कल्पना की, यह प्रश्न उन मूलभूत प्रश्नों मे से एक है जिसके जवाब का प्रयास पहले मझबों और बाद मे विज्ञान की बुनियाद बनी। इससे महत्वपूर्ण प्रश्न आखिर और क्या हो सकता है। इस सवाल के जवाब मे ही वो कुंजी छुपी है जो हमे खुद को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। 

Geological studies से हमे इस बात के पुख्ता सबूत मिले है के धरती पर जीवन सूक्ष्म रूप मे आज से 3.5 अरब साल पहले मौजूद था। पर दूसरे कई प्रमाण है जिनके हिसाब से धरती पर जीव आज से 3.8 अरब साल पहले भी मौजूद थे। यह बहुत ही कमाल की बात है क्यूकी स्वयं धरती की उम्र लगभग 4.5 साल से बस थोड़ी सी ज्यादा है। इसका अर्थ यह है की अगर हम geological timescales के हिसाब से देखे तो धरती पर जीवन बहुत ही जल्दी शुरू हो गया था। धरती पर जीवन 4 अरब साल से पुराना नही हो सकता है क्यूकी अभी तक की जानकारी के हिसाब से इस समय से पहले धरती रहने लायक नही रही होगी। क्यूकी धरती के सबसे पुराने पत्थर 4 अरब साल पुराने है जो यह बताता है की इसी समय के आसपास धरती की सतह ठंडी हो कर सख़्त हुई होगी और इसका मतलब यह है की इससे पहले धरती की सतह पीघले हुए lava के रूप मे थी। यानि की उस समय जीवन के अनुकूल नही थी। यानि की धरती पर जीवन करीब करीब उसी समय पनप ना शुरू हो गया था जिस समय धरती जीवन के अनुकूल बस बनी ही थी।

Geological records के अतिरिक्त हमारे पास genetic records भी है। [pause] सभी जीवों के अंदर के DNA होता है। Deoxyribonucleic acid या DNA एक प्रकार का code है जिसमे किसी जीव के बनने की पूरी recipe मौजूद होती है। धरती पर मौजूद विभिन्न जीवों के dna के अंदर क्रम विकास या evolution के records मौजूद है। इस DNA से हमे मालूम पड़ा है की धरती पर सभी जीवों का एक ही पूर्वज था। इससे हम life की family tree बना पाए है। इस family tree का common ancestor आज के thermophiles से काफी मिलता जुलता है। thermophiles वो सूक्ष्म जीव होते है जो बेहद गरम हालातों मे रहते है। इस बात से तीन निष्कर्ष मिलते है । 

Bacteria

  1. जीवन के शुरुआत का कोई न कोई रिश्ता इन गरम पानी के कुंडो या उन geothermal vents से है जो समुद्र के अंदर गहराई पर मौजूद होते है। 
  2. या तो शायद इतिहास मे ऐसी कोई घटना हुई होगी जिससे समंदर का पानी बहुत ज्यादा गरम हो गया होगा। शायद किसी विशाल metoroite या बहुत सारे छोटे meteoroites के टक्करों से, और शायद इतनी ज्यादा गर्मी के कारण सिर्फ वही जीव बचे होंगे जो गरम हालातों को झेल सकते होंगे और बाकी के जीव खत्म हो गए होंगे। 
  3. या शायद यह बस एक इत्तेफ़ाक है। 

इन सभी मे से कौन सी संभावना सबसे ज्यादा संभावित है यह कहना बहुत मुश्किल है। शायद इसलिए भी क्यूकी अभी तक हमारे पास कोई और planet जहा जीवन की शुरुआत हुई हो। अगर हमे ऐसी दूसरी दुनियाँ मिले जहा जीवन हो या जहा कभी जीवन रहा हो तो हम वहा की और धरती की परिस्थितियों का एक दूसरे से तुलना कर के यह बेहतर तरीके से जान सकते है की जीवन के उत्पत्ति की कौन सी संभावना ज्यादा संभावित है। और इसलिए मंगल और सौर-मंडल के दूसरे ग्रहों पर चल रही जीवन के निशानों की खोजबीन हमारे लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। 

Rover exploring surface of Mars

‘जीवन की शूरयात’ यह आज biology की सबसे बड़ी पहेलियों मे से एक है, इसका एक बहुत बड़ा कारण यह है की इसके बारे मे पता लगाने के लिए हमारे पास पर्याप्त सबूतों का अभाव है। असल मे ऐसा प्रतीत होता है की जैसे किसी ने धरती से उन घटनाओ के सबूतों को मिटा दिया हो जो जीवन के उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार थी। ऐसा इसलिए है क्यूकी हमारी धरती अपने शुरुआत के दिनो से ही बदलती आई है। आज धरती का माहौल उस समय से बिलकुल पृथक है जब यहा पर जीवन शुरु हो ही रहा था। 

How has life Originated? यानि जीवन की शुरुआत कैसे हुई होगी? इसे समझाने वाली कई theories है। पर इन सभी theories को मुख्यतः दो वर्गो मे बाँटा जा सकता है। 

  1. पहली वो theories जिनके हिसाब से जीवन की शुरुआत धरती पर हुई थी 
  2. और दूसरी वो जिनके अनुसार धरती पर जीवन बाहरी अंतरिक्ष से आया था। 

Panspermia Theories for Origin of Life

Artists illustration for alien planed where life might have started

वो theories जिनके अनुसार Origin of Life या जीवन की शुरुआत धरती पर नही हुई, बल्कि यह यहा कही और से आया है उन्हे Panspermia theories कहते है। Panspermia theories यह कहती है की बाहरी अंतरिक्ष मे जीवन मौजूद है और यह asteroids, Meteorites या comets के द्वारा ग्रहों तक पाहुचता है। इन theories को support करने वाले कुछ लोगो का यह मानना है की interstellar space मे bacteria आम है और वही से यह धरती तक आए है। कुछ दूसरे लोग भी है जिनके अनुसार जीवन की शुरुआत हमारे सौर-मंडल मे ही हुई थी पर धरती पर नही बल्कि सौर-मंडल के किसी और ग्रह पर जैसे मंगल या mars और फिर किसी टक्कर से निकला मलबा धरती तक आ गया होगा जिसमे कुछ सूक्ष्म जीव भी थे। इन theories को बल थोड़ा इस बात से मिलता है कि हमे धरती पर कुछ ऐसे meteorites मिले हो जिनकी बनावट मंगल कि सतह कि बनावट से काफी मिलती-जुलती जिन्हे SNC meteorites.  जो यह दर्शाता है कि मंगल से सामग्री धरती तक आ सकती है। पर इस theory को सही मानने ले लिए पहले हमे यह साबित करना पड़ेगा की धरती पर जीवन क्यूँ नही शुरू हो सकता है और दूसरे ग्रहों पर ऐसी क्या ख़ासियत थी कि वहा जीवन शुरू हो सकता था – भले ही आज वो बिलकुल भी जीवन के अनुकूल न हो। हमे हमेशा ऐसा लगता है कि जैसे हम यहा के नही है हमे किसी ने यहा भेजा है। यही सोच बुनियाद है एक और Panspermia theory का जो यह कहता है कि धरती पर जीवन किसी अतिविकसित (highly advanced) और intelligent जीव द्वारा धरती पर लाया गया होगा – जैसे कोई अलौकिक रचयिता (supernatural Creator) या  वाहक (carrier)।

The rocky surface on Mars

जीवन की धरती के बाहर extraterrestrial origins की theories का मोटे तौर पर यह कहना है की धरती पर जीवन पूरी तरह विकसित किसी सूक्ष्म जीव के रूप मे आया था। हालांकि experiments मे ऐसा पाया गया है की कुछ सूक्ष्म bacterias space के कठोर हालातों मे भी जीवित रह सकते हैI  इस लिए इस बात की संभावना को नकारा नही जा सकता है की हो सकता है की धरती पर जीवन के बीज कही और से आए हो। पर अभी तक हमे बाहरी अंतरिक्ष मे धरती के बाहर किसी भी प्रकार का जवान या उसके नीसान नही मिले है। किसी ग्रह पर जीवन के survival के लिए वहा पर कुछ खास पर्यावरण या enviornment का होना जरूरी है – सौर प्रकाश या ऊर्जा का कोई अन्य स्त्रोत, कुछ जरूरी chemicals और तरल पानी। यह सभी चीजें यहा धरती पर मौजूद है। 

Terrestrial Theories for Origin of Life

Sunrise from space

वो चीजें जिनसे जीवन बना है, ब्रह्मांड मे हर जगह मौजूद है। और क्यूकी जीवन और कुछ नही बस एक complex chemical phenomenon है। तो हो सकता है की जहा भी अनुकूल हालात और आवश्यक सामग्री मौजूद हो वहा जीवन स्वयं ही आकार लेने लगता है। यही बात बुनियाद है उन theories का जिनके अनुसार धरती पर जीवन कही बाहर से नही आया है, यह यही पर शुरू हुआ था – यहा मौजूद निर्जीव चीजों से; इस idea को Abiogenesis कहते है। आज यह theory ,’जीवन की शुरुआत कैसे हुई?’ इसे समझने वाली एक standard theory है। क्यूकी बाकी की theories भले ही सही हो सकती है पर अभी तक हमे कोई ऐसे ठोस वजह नही मिली है। जिससे यह कहा जा सके की ‘धरती पर जीवन क्यूँ शुरू नही हो सकता था?’ 

                                          

इस theory के अनुसार धरती पर जीवन की शुरुआत आज से कुछ 3.5 से 4 अरब साल पहले हुई थी। ऐसा माना जाता है उस समय धरती पर जो हालात थे उन हालातों मे inorganic चीजों से organic compounds बनना शुरू हुए थे – organic compounds यानि ऐसे रसायन जो जीवों मे पाए जाते है। और धीरे धीरे यह organic molecules और ज्यादा complex होते गए। धीरे धीरे यह complex molecules इतने ज्यादा विकसित हो गए की यह अपने जैसे और molecules बनाने लगा और फिर एक वक्त के बाद इन्ही मे से कुछ molecules मे ऐसे characteristics दिखने लगे जो किसी चीज को जीवित बनाता है – खुद को बनाए रखना, reproduce करना और विकसित होना। और इस तरह शुरुआती धरती पर मौजूद निर्जीव चीजों से जीवन का पहल बीज बना जो जो बहुत ही साधारण और सूक्ष्म था पर धीरे धीरे यह साधारण जीव क्रम विकास या evolution और natural selection के कारण और ज्यादा जटिल होता गया। और आज धरती पर मौजूद सभी जीव जंतु उसी पहले जीव के वंशज है। यह theory Miller–Urey experiment और Sidney Fox के कामों पर आधारित है। जिसने यह दिखाया की प्राचीन धरती पर मौजूद हालात उन reactions के लिए अनुकूल थे जिनसे amino acids और अन्य दुशरे organic substances का निर्माण अपने आप हो सकता है। इस समय के हालातों जैसे हालात मे phospholipids अपने आप ही lipid bilayers का निर्माण कर लेते है , जो किसी cell membrane यानि cell की body का मूलभूत ढाँचा होता है। जीवित प्राणी Deoxyribonucleic acid या DNA के instructions का उपयोग कर के proteins का सृजन करते है, जो amino acids के polymers यानि लंबे chains होते है। 

Molecular illustration of Amino acids

जीवन कैसे शुरू हुआ इसकी एक संभावना यह है की पहले genes का निर्माण हुआ और फिर proteins बने । इसकी एक वैकल्पिक संभावना यह है की पहले proteins आए और बाद मे genes. पर क्यूकी DNA के special groups या genes और proteins दोनों को बनने के लिए एक-दुशरे जरूरत है । इसलिए यह पता लगाना की इनमें से कौन पहले आया बिलकुल वैसा ही है जैसे यह पता लगाना की पहले मुर्गी आई या अंडा। ज़्यादातर scientists का यह मानना है की इसकी संभावना बहुत कम है की genes और proteins एक दूसरे से स्वतंत्र बने होंगे । इसलिए एक संभावना यह है की पहले जीव Ribonucleic acid यानि RNA पर आधारित थे, जो DNA की ही तरह information भी store कर सकता है और proteins की तरह reactions को catalyze भी कर सकता है- इसे RNA world hypothesis कहते है। 

Artists illustration of the surface of the earth before life

शुरुआती धरती आज से बिलकुल अलग थी, बेजान और बंजर इसके महासागरों मे उस समय कई प्रकार के रसायन मौजूद थे। जो पानी मे किसी soup की तरह मिले हुए थे। यहा के atmosphere मे oxygen न के बराबर थी। यह ज़्यादातर carbon dioxide, पानी, और ammonia जैसी चीजें थी। यानि की उस समय aerobic life या oxygen पर निर्भर जीवन संभव नही हो सकता था। यानि की शुरुआती जीव जरूर anaerobic थे यानि oxygen के बिना रहने वाले जीव। और यह जीव autotrophs थे यानि ऐसे जीव जो अपना खाना स्वयं बनाते है अपने आसपास मौजूद निर्जीव चीजों से। शायद काफी कुछ आज के algae जो पेड़ पौधों की ही तरह अपना खाना खुद बनाने वाला एक सूक्ष्म प्राणी है।

Microscopic image of algae colony

यह autotrophs दो प्रकार के होते है एक वो जिन्हे अपना खाना बनाने के सूर्य के प्रकाश की जरूरत है इन्हे phototorophs कहते है – पेड़-पौधे और algae. Autortophs का एक दूसरा प्रकार भी है।  समंदर इतना गहरा है की एक इसके सबसे गहरे हिस्सों तक सूर्य का प्रकाश नही  पाहुच पता है। पर यहा भी जीवन है यहा रहने वाले जीव उन जीवों को खा कर जीवित रहते है जो पेड़ो की ही तरह अपना खाना खुद बनाते है पर जिन्हे सूर्य के प्रकाश की जरूरत नही है। यह अपना खाना chemical reactions से उत्पन्न होने वाले ऊर्जा की सहता से बनाते है। इस लिए ऐसे जीवों को chemotrophs कहते है यानि ऐसे जीव जो chemical की सहायता से अपना खाना बनाते है। यह पहले जीव क्या phototrophs थे या chemotrophs यह इस इस बात बार निर्भर करता है की जीवन कहा शुरू हुआ होता अगर यह धरती की सतह पर मौजूद छिछले समंदर मे हुआ होगा तो ये phototrophs क्यूकी यहा सूरज के रोशनी की कोई कमी नही है। पर अगर यह गहरे समंदर मे स्थित गरम पानी के उन फौहारों के आसपास हुआ होगा जिन्हे Hydrothermal vents कहते है। तो यह जीव जरूर chemotrophs रहे होंगे क्यूकी वहा तक सूरज की रोशनी नही पहुँच पाती है।  Miller–Urey के जैसे दूसरे experiment मे जिसमे शुरुआती धरती पर गहरे समंदर के Hydrothermal vents के पास के हालातों को simulate किया गया तो भी वैसे ही नतीजे मिले जो जो MIller-Urey Experiment मे मिले थे। जो यह बताता है की इस बात की भी संभावना है की जीवन की शुरुआत वहा भी हो सकती है।  

Clay surface

कुछ researchers का यह मानना है की धरती पर जीवन शायद एक से ज्यादा बार शुरू हुआ होगा। शायद शुरुआती धरती पर कई प्रकार के जीवन ने रूप लिया होगा जो शायद एक दूसरे से काफी अलग रहा होगा। कुछ लोगो का तो यहा तक मानना है की पहले जीव carbon पर आधारित नही थे बल्कि वो clay पर आधारित थे जिसमे पाया  जाने वाला एक मुख्य element silicon है। या शायद crbon और silicon दोनों पर आधारित जीवन एक साथ शुरू हुआ होगा। पर बाद के धरती के बदले हालातों मे केवल वही जीव बच पाए जो इन बदले हालातों को झेल सकते थे। शायद carbon पर आधारित जीवन इन हालातों मे ज्यादा कारगर साबित हुआ और इसलिए आज धरती पर मौजूद जीवन carbon आधारित है। 

A long way to go

जीवन की शुरुआत कैसे हुई? यह एक बहुत ही बड़ा सवाल है और बहुत जरूरी भी अभी-अभी हमने इसे ठीक से समझना शुरू ही क्या है। भविष्य मे नई खोजों के साथ जैसे जैसे हमारी जानकारी और विकसित होगी हम इस सवाल का जवाब और बेहतर दे पाएँगे। आप का क्या मानना है की क्या धरती पर जीवन कही और से आया है या यह यही शुरू हुआ था और अगर धरती पर ही हुआ था तो कहा? वे कौन से हालात है जहा जीवन की शुरू हो सकती है? क्या छिछले समंदर मे इसकी शुरुआत हुई या महासागर की गहराई मे। हमे comments मे जरूर बताए और बने रहिए endiaegenius.com के साथ.

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